जीवन का संतुलन | Balance of Life Hindi Moral Story

जीवन का संतुलन - Balance of Life Hindi Moral Story

एक पिता ने अपने चार पुत्रो को बुलाया, उनसे पूछा - बताओ, सबसे अच्छा मौसम कोन-सा होता है ? पहला पुत्र बोला - सर्दी का मौसम सबसे अच्छा होता है| न पसीना आता है, न लू चलती है, न धूल भरी आंधिया आती है, दिमाग भी बहुत ठंडा रहता है|

दूसरे पुत्र ने कहा - सर्दी के मौसम कि बात से में सहमत नहीं हूँ . मेरी नजर में गर्मी का मौसम सबसे अच्छा होता है | सर्दी में तो ढेर सारे कपड़ो में भी कंपकंपी छूटती रहती है . बिना पर्याप्त व्यवस्था के कही बाहर जा भी नहीं सकते, इसलिए मेरी नजर में गर्मी का मौसम सबसे अच्छा है|

तीसरे पुत्र ने कहा - सबसे अच्छा मौसम है बरसात का, न अधिक सर्दी, न अधिक गर्मी, घिरी हुई काली घटाए और बरसते पानी कि फुहारे किसे अच्छी नहीं लगती ? भरे हुए तालाब और नदिया, चारो और झूमती हुई हरियाली किसका मन नहीं मोहती ? बरसात से अच्छा मौसम और कोई नहीं है|

चौथा सबसे छोटा लड़का क्या बताता ? तीन मौसम श्रेष्ठ बताये जा चुके थे लेकिन लड़का बुद्धिमान था| उसने कुछ सोचा और फिर कहा - पिताजी ! मै समझता हूँ कि जो सुख और शांति से गुजर जाये, वही मौसम सबसे अच्छा है| कहने का अर्थ है सुख और शांति का प्रशन आपके शरीर से जुड़ा हुआ नहीं है|

वह तो जुड़ा हुआ है जीवन से जब तक जीवन संतुलित नहीं होता, शांति कि बात नहीं सोची जा सकती क्योकि कोई भी व्यक्ति तब तक शांति और सुख का जीवन नहीं जी सकता है| जब तक वह जीवन का संतुलन ना साधे|

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.